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Fitter Theory

Fitter Theory

Fitter Theory 1.3 Accident

दुर्घटना

दुर्घटना(accident)एक बिना योजना वाली,नियंत्रण न होने वाली घटना है, जिससे किसी वस्तु, पदार्थ व्यक्ति की क्रिया या प्रतिक्रिया के कारण व्यक्तिगत चोट लगने की संभावना बनी रहती है।जरा-सी सावधानी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

Fitter Theory Causes of accidents 

दुर्घटनाओं के कारण दुर्घटनाओं के कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

असावधानी (Carelessness)कारखनो में होने वाली अधिकतर दुर्घनाएं असावधानी के कारण होती हैं।कार्य करते समय कार्य की चिन्ता के साथ -साथ कारीगर को अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा का भी पर्याप्त ध्यान रखना चाहिए।

अरुचि (Loss of interest) कभी-कभी कारीगर कार्य में रुचि (interest) खो बैठता है। ऐसे समय में दुर्घटना होने की सम्भावना अधिक हो जाती है। रुचि न होने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे-कोई पारिवारिक समस्या, फैक्ट्री से पैसा न मिलना या अपूर्ण मिलना, किसी गलती के कारण डाँट पड़ना या फिर किसी से झगड़ा हो जाना आदि।

जल्दबाजी (Hasteness) कारखाना मालिक के दबाव के कारण या अपने

अधिक लाभ के लिए कारीगर आवश्यकता से अधिक जल्दी करता है। इसके कारण दुर्घटना होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

अज्ञानता (Ignorance) जिस उपकरण के बारे में पूर्ण जानकारी न हो

उससे छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। कभी-कभी अपनी झूठी शान दर्शाने के लिए कारीगर ऐसा कार्य करने लगता है, जो दुर्घटना का कारण बन जाता है।

उत्सुकता (Curiosity) उत्सुकता मानव स्वभाव में बसी है, परन्तु इस पर

कारखानों में कार्यरत् कारीगरों को अंकुश लगाना होता है। ज्यादा उत्सुक व्यक्ति जल्दी दुर्घटना का शिकार बनता है।

असुरक्षित हस्त औजार (Unsafe hand tools) कई कारखानों में मशीनों

का रख-रखाव ठीक न होने के कारण मशीनें असुरक्षित अवस्था में भी प्रयोग होती रहती हैं, जो एक दिन अवश्य ही दुर्घटना का कारण बन जाती हैं। इसी प्रकार असुरक्षित हैण्ड-टूल्स से भी दुर्घटना हो सकती है. जैसे-बैंटा फटा हुआ हथौड़ा या फाइल तथा मशरूम हैडेड चीजल आदि।

 

 

 

 

 

 

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